फीता काट टूर्नामेंट का उद्घाटन करते विधायक

—- विधायक ने कहा खेल से खिलाड़ियों की योग्यता में आती है निखार

बेतिया : बाबा चित्रधन नाथ क्रिकेट ग्राउंड में क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। टूर्नामेंट में विधायक मदन मोहन तिवारी एवं ब्रह्मण संस्कार मंच के जिला अध्यक्ष अमित कुमार पांडेय मौजूद रहे। इस दौरान दोनों अतिथियों ने टूर्नामेंट से पूर्व फीता काट कर मैच का शुभारंभ किए तथा खिलाड़ियों से हाथ मिलाकर परिचय भी लिए। मैच सर्वप्रथम पारस पकड़ी और मिर्जापुर के बीच खेला गया। जिसमें पारस पकड़ी की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 6 रन से विजयी हुई। वहीं दूसरी पाली नाइट में खेली गई। नाइट मैंच में चनायन बांध व लालगढ़ के बीच मुकाबला हुआ। जिसमें लालगड़ की टीम ने 39 रन से चनायन बांध का शिकस्त दी। इस दौरान विधायक मदन मोहन तिवारी ने खिलाड़ियों का हौसला अफजाई किया। उन्होंने कहा कि खेल से खिलाड़ियों की प्रतिभा में निखार आती है। उनकी योग्यता व क्षमता सबके सामने आती है और उन्हें आगे बढ़ने का मौका मिलता है। मौके पर अमन शुक्ला, गोलू पांडेय, आशीष मिश्रा, आकाश कुमार, बाल्मिकी भारद्वाज, सर्वेश शुक्ल, प्रताप कुमार आदि मौजूद रहे।

कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारी

छात्राओं से पीड़ित मानवता की सेवा व सुरक्षा करने का दिलाया गया संकल्प

बेतिया : जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सह न्यायाधीश योगेश शरण त्रिपाठी ने कहा कि मानवाधिकार की रक्षा करना हम सबकी जिम्मेवारी है। इसके लिए हमें सजग रहना होगा। ताकि, मानवाधिकार कोई उल्लंघन ना कर सके। संविधान ने इस दिशा में हमे पर्याप्त मौलिक अधिकार प्रदान किया है। समता का अधिकार, स्वतंत्रता का अधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार, शोषण के विरूद्ध आवाज उठाने का अधिकार प्रदान किया है। वे जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में नगर के संत तेरेसा बालिका विद्यालय में सोमवार को आयोजित विधिक जागरूकता शिविर में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को भी मानवाधिकार की जानकारी होनी चाहिए। उनके अगल-बगल में उनकी जानकारी में कोई मानवाधिकार का उल्लंघन हो रहा है, तो इसकी सूचना वे पुलिस को दे ही साथ-साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकार को भी दे। मौके पर बालिकाओं ने मुख्य वक्ता योगेश शरण त्रिपाठी से मानवाधिकार से जुड़े कई सवाल किए। इन सवालों का जवाब न्यायाधीश योगेश शरण त्रिपाठी ने शिक्षक के अंदाज में बड़ी सहजता से दी। इसके पूर्व बालिकाओं ने पदाधिकारियों का स्वागत फूलों का गुलदस्ता देकर किया। उन्होंने ने भी बालिकाओं को गुलाब सौंपे और जीवन में सफलता हासिल करने का आशीष दिया। बालिकाओं ने इस अवसर पर कैंडल जलाए और मानवाधिकार की रक्षा किए जाने की शपथ ली। कार्यक्रम का शुभारंभ विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव ने दीप प्रज्जवलन कर किया। दीप प्रज्जवलन में उनका साथ संत तेरेसा बालिका उच्च विद्यालय की प्राचार्य सिस्टर प्रफुल्ला, अधिवक्ता रमेश चंद्र पाठक, राकेश डिक्रूज आदि ने दिया। कार्यक्रम में अधिवक्ता रमेश चंद्र पाठक, सुनील डिक्रुज, प्राचार्य सहित वक्ताओं ने अपने विचार रखे।

पादरी दुसैया में उत्साह के साथ मनाया गया माता मरियम का वार्षिकोत्सव

—– भव्य कार्यक्रम का आयोजन, माता के दर्शन को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
—– नगर के प्रधान गिरिजाघर से पादरी दुसैया के लिए निकाली गयी आकर्षक धार्मिक यात्रा
—– तीर्थस्थल के रूप में मशहूर हो चुका ग्वादालूपे माता मरियम का निवास स्थल, पूरी करती है, मुराद
—– मेक्सिको शहर के तेपेयाक घाटी से लाया गया है, ग्वादालूपे की माता का दुर्लभ तस्वीर,

बेतिया: ग्वादालूपे माता मरियम का वार्षिकोत्सव रविवार को पादरी दुसईया पल्ली में पूरे धूमधाम व उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर यहां विभिन्न धर्मप्रांन्तों से श्रद्धालुओं भारी भीड़ उमड़ी और माता की विशेष पूजा-अर्चना की। नगर से सटे पादरी दुसैया में आयोजित माता के वार्षिक पर्व में पटना और मुजफ्फरपुर महाधर्म प्रांत के मह धर्माध्यक्ष फादर ऐगास्टियन व फादर क्राजेटन फ्रांसिस ओस्ता शामिल होकर पर्व के उत्साह में चार चांद लगा दिया। मुख्य चर्च से लेकर पादरी दुसईया के चर्च तक कार्यक्रम की धूम रही। मां मरियम के तीर्थस्थल के रूप में शुमार पादरी दुसईया में स्थानीय श्रद्धालुओं का जनसैलाब भी उमड़ पड़ा। पर्व का आगाज एक दिसंबर को माता मरियम की तस्वीर के झंडोतोलन के साथ से ही शुरू हो गया। रविवार को आयोजित वार्षिक पर्व मे पटना महाधर्म प्रांत के फादर ऐगास्टियन, बेतिया धर्मप्रान्त के धर्माध्यक्ष पीटर सेबारिस्टयन गोवियस, मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष काजेटन फ्रांसिस ओस्ता, दुसैया पल्ली पुरोहित जोसेफ डिसोजा तथा अन्य सहयोगी पल्ली पुरोहितों ने समारोही मिस्सा बलिदान धार्मिक संस्कार संपन्न कराया। इसके पूर्व नगर के प्रधान गिरजाघर से श्रद्धालुओं ने भव्य ने भव्य शोभायात्रा निकाली। माता मरियम का जयघोष करते हुए शोभायात्रा नगर भ्रमण करते हुए पादरी दुसईया चर्च पहुंची, जहां दुसैया पल्ली ने यात्रियों का शानदार स्वागत किया। यात्रा क्रम में श्रद्धालुओं ने माता की जय-जयकार की। पल्ली पुरोहितों ने धर्म पर उपदेश देकर श्रद्धालुओं को एक सुन्दर व सफल जीवन जीने की राह दिखायी। मौके पर बीमार लोगों के अच्छे स्वास्थ्य के ईश्वर से विशेष प्रार्थना की। सबसे मुख्य धार्मिक कार्यक्रम पाप स्वीकार सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर कई श्रद्धालु माता मरियम के समक्ष प्रस्तुत हुए और अपना पाप स्वीकार किया। मान्यता है कि जो श्रद्धालु सच्चे दिल व निश्चल मन से अपना पाप स्वीकार करता है, माता मरियम उनके पाप को समाप्त कर देती हैं।

 

पल्ली पुरोहित का स्वागत करती महिला श्रद्धालु

 

बड़ा नाम है ग्वादालूपे मां मरियम का, पूरा करती मुरादें

पादरी दुसैया स्थित ग्वादालूपे माता मरियम का बड़ा नाम है। उनकी ख्याति दूर-दूर तक फैली है। माता करामाती है। मां मरियम के दरबार में पहुंचने वाले भक्त कभी निराश नहीं लौटते है। सच्चे दिल से लोग यहां मन्नत मांगते है। माता उनकी सभी मुरादें पूरा करती हैं। पुत्रहीनों पर माता विशेष दया करती है, जो भक्तिपूर्वक माता की आराधना करते है, उन्हें माता संता प्रदान करती हैं। चर्च में स्थापित माता मरियम की तस्वीर काफी दुर्लभ माना जाता है। इसका रोचक इतिहास है। बताया जाता है कि चमत्कारी दयालू माता मरियम की यह दुर्लभ तस्वीर मैक्सिको देश के ग्वादालूपे शहर अवस्थित तपेयाक पहाड़ी पर बने एक चर्च से लाया गया है। इस दुर्लभ तस्वीर को अमेरिकी पुरोहित बाब रार्बट लुडिविक ने लाया था। मान्यता है कि यह यह माता बड़ी जाग्रत है। मैक्सिको के ग्वादालूपे शहर में माता के प्रकट होने का एक रोचक हिस्सा है। पल्ली पुरोहित फादर जोसेफ डिसूजा ने बताया कि ग्वादालूपे माता मरियम की कहानी की शुरूआत सन 1531 माह दिसंबर में मैक्सिको शहर के तेनोकाटिटलन गांव से हुई। यहां माता ने जुआन दियेगो नामक युवा किसान को चार बार दर्शन दी।

 

महा गिरजाघर का परिक्रमा करते श्रद्धालु

 

वे एक नए ईसाई थे और एक दिन पवित्र मिस्सा बलिदान में भाग लेने जा रहे थे। रास्ते में एक सुंदर स्त्री जिसका सारा बदन रोशनी से चमक रहा था। अचानक जुआन दियेगो के सामने प्रगट हो गई। पक्षियों के मधुर संगीत के बीच माता ने कहा कि मैं संपूर्ण तथा नित्य संत मरिया हूं। जुआन दियेगो को उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे उनकी करूणामयी मां है और सभी तरह के लोगो से प्यार करने के लिए यहां आई हूं। वह मैक्सिको शहर के तपेयाक घाटी पर जहां वह खड़ी वहां उनके आदर ने एक चर्च बनवाना है। दर्शन के बाद जुआन दियेगो भागते हुए अपने धर्माध्यक्ष जुमर्रागा के पास गया और स्थिति से अवगत कराया। लेकिन धर्माध्यक्ष ने उसकी बात मामने से इनकार कर दिया और इसके पक्ष में सबूत लाकर देने की बात कही। कई बार कहने के बाद भी जब धर्माध्यक्ष ने उनकी बात नहीं मानी तो वे निराश होकर बाहर निकले। तब धर्माध्यक्ष ने उनके पीछे अपने लोगों को लगा दिया। इसी क्रम 12 दिसंबर 1531 में माता ने चौथी बार दर्शन दिया और कहा कि मैं अपने अस्तित्व का साक्ष्य दूंगी। माता ने तपेयाग घाटी उगी केस्तलियन फूल समेट कर जुआन दियेगो के अंगोछे में दिया, वह उस फूल को धर्माध्यक्ष के पास ले गया और जैसे वहां अंगोछा खोला सुंदर फूल माता मरियम के सुंदर तस्वीर के रूप में परिवर्तित हो गया। उसी दुर्लभ तस्वीर की प्रतिलिपि अमेरिकी पूरोहित बाब रौबर्ट लुडविक ने भारत आने के क्रम में यहां लाए थे।

यात्रा में भाग लेते श्रद्धालु

 

 

बीआरए बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर

बेतिया : बीआरए बिहार विवि ने टीडीसी पार्ट-वन की परीक्षा के लिए फॉर्म भरे जाने की तिथि घोषित कर दी है। छात्र-छात्राएं बिना विलंब शुल्क के 07 से 15 दिसंबर तक परीक्षा फॉर्म भर सकेंगे।
इस संबंध में विवि ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसमें बताया गया है कि फॉर्म भरने की तिथि संबंधी जानकारी सभी कॉलेजों में भेज दी गई है। सूत्रों के अनुसार बताया जाता है कि राजभवन के निर्देश पर दिसंबर तक सभी लंबित परीक्षाओं का आयोजन करना है। इसी को देखते हुए विवि की ओर से ऐसी घोषणा की गई है।

प्रतियोगिता के दौरान उपस्थित छात्र व शिक्षक

बेतिया : शहर के क्रिश्चयन क्वार्टर स्थित संत माइकेल्स स्कूल में अंतरदलिया क्विज का आयोजन किया गया। इसमें स्कूल के सब सीनियर श्रेणी के छात्रों ने भाग लिया। क्विज पांच राउंड में संपन्न हुआ। प्रतियोगिता में वर्ग छह से पीला दल की रिशिका डिक्रूज तथा सिमरन और वर्ग चार से पीला दल के अमन एवं पायल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम का उद्घाटन स्कूल की प्रधानाचार्य कविता सिरिल और निदेशक अनिल सिरिल ने की। इस मौके पर कविता सिरिल ने कहा कि बच्चों में बौद्धिक विकास के लिए प्रतियोगिता जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों के ज्ञान को परखने का मौका मिलता है। छात्रों के बौद्धिक विकास के लिए ऐसे आयोजन जरूरी हैं। वही विद्यालय के निदेशक अनिल सिरिल ने भी बच्चों के बीच प्रतियोगिता को आवश्यक बताया और कहा कि क्विज से बच्चों का मानसिक विकास होता है। इससे बच्चों को और बेहतर करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि जो बच्चे मन लगाकर अपनी पढ़ाई करेंगे निश्चित ही सफलता उनकी कदम चुमेगी। जब प्रतिभाएं निखरेंगी तभी हमारी आने वाली पीढ़ी इस राष्ट्र के कल्याण में अपनी भागीदारी निभा पाएगी। क्विज संचालन मिस सोनाली, मिस शिप्रा, मिस अंजू थे। अंक गणना जेरम जॉन एवं उपेंद्र पांडेय द्वारा की गई।
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कार्यक्रम की प्रस्तुति देते छात्र-छात्राएं

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथि

बेतिया : शहर के संत जेवियर हायर सेकेंड्री स्कूल में रविवार को आयोजित वार्षिकोत्सव में विद्यालय की छात्र -छात्राओं ने अपनी नृत्य कला से समां बांध दिया। इस दौरान छात्रों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति की। इसे देखकर दर्शक मुग्ध होकर खूब तारीफ की। नारी टू नारायणी,ओ माँ के बोल पर बच्चों ने कार्यक्रम प्रस्तुत कर समां बांध दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ फादर रेक्टर, विद्यालय के प्राचार्य जॉर्ज नेडूमेटम, केआरके प्राचार्य क्रिस्टोफर तथा फादर पॉल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया। मौके पर मौजूद अभिभवकों को संबोधित करते हुए प्राचार्य जॉर्ज नेडुमट्टम ने कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देना चाहिए। उन्हें उचित मार्गदर्शन के साथ- साथ देखरेख करनी चाहिए। ऐसा करने से छात्रों को पठन- पाठन में सहूलियत होगी। कार्यक्रम में रेमंड रेमी ,राकेश रेमी, प्रशांत वर्मा, सुषमिता दास, सिलविया शालिनी, मुकेश तिवारी, संजीव श्रील, पूजा सिंघानिया, सिलविया शालिनी, सुकन्या आदि शिक्षकों की महत्वपूर्ण योगदान रहा।