इलेक्ट्रो फिजिक्स की नरगिस बनी बिहार टॉपर

बेतिया: इंटरमीडिएट के रिजल्ट का इंतजार परीक्षार्थियों के साथ उनके अभिभावक पूरे शिद्दत से इन्तेजार था । जब रिजल्ट आया तो सफल छात्र खुशी से झूम उठे। बधाइयों का तांता लग गया। ऐसा ही इलेक्ट्रो फिजिक्स के प्रांगण का रहा। याहां सभी छात्रों ने प्रथम श्रेणी से सफलता प्राप्त की है। शहर के जाने माने इस संस्थान में दूसरे दिन रविवार को भी दिन भर जश्न का माहौल बना रहा। छात्र-छात्राओं के परिजन संस्थान में आकर यहां के निदेशक भारत भूषण को बधाई देते रहे। जिनके प्रयास से उनके बच्चों ने कामयाबी हासिल की। बता दें कि इस संस्थान ने प्रतिवर्ष बेहतर परिणाम देकर अपनी एक पहचान बना ली है। निदेशक भारत भूषण ने कहा कि यहां शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चों को बेहतर से बेहतर शिक्षा देकर उन्हें सफल छात्र बनाने का हर संभव प्रयास किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस संस्था से नरगिस नवाज इंटर साइंस में 463 अंक लाकर बिहार में पांचवें स्थान प्राप्त की है। वहीं मिकी कुमारी को 448 अंक, पलवी कुमारी को 440 अंक, सालनी कुमारी को 433 अंक, फातिमा खातून को 422 अंक, वसीम सिद्धकी को 413 अंक, श्रेयम प्रासर को 407 अंक, अंजली सोनी को 406 अंक मिले हैं। सभी छात्र-छात्राओं ने संस्थान का आभार प्रकट किया है। साथ ही छात्र-छात्राओं के अभिभावकों ने संस्थान के बड़ी सफलता को सराहते हुए संस्थान के उज्ज्वल भविष्य की कामना की एवं संस्थान के शिक्षकों को आभार प्रकट किया।

मनाई गई विश्व क्षय रोग दिवस

बेतिया:विश्व क्षय रोग दिवस पर आमजन में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जागरूकता रैली का आयोजन रविवार को डीपीएमआई के छात्रों ने की। इस दौरान डॉ राशीद सिद्दकी ने कहा कि लोगों को इसके प्रति जागरुक किया जाएगा। क्षय रोग दिवस मनाने का मुख्य मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरुक करना है। जब क्षय रोग से ग्रसित व्यक्ति बोलता, खांसता या छींकता है तब उसके साथ संक्रामक द्रोप्लेट न्यूक्लाई उत्पन्न होते हैं, जो कि हवा के माध्यम से किसी अन्य स्वस्थ व्यक्ति को संक्रमित कर सकते हैं। यह बीमारी हवा के जरिये बहुत आसानी से फैलती है।टीबी का रोग जूठा खाने से, थूकने, छींकने, संक्रमित इंजेक्शन, रोगी के उपयोग किए गए कपड़े, तौलिया इत्यादि से, गंदगी व सफाई न रखने से, शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता के कमजोर होने से व रोगी के संपर्क में रहने से फैलता है। बताया कि लगातार दो सप्ताह तक खांसी होना, बलगम में खून आना, सायं के वक्त बुखार आना और वजन का कम होना टीबी रोग के लक्षण हैं, ऐसे में अपनी जांच अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि लगातार दवाईयों का सेवन करके टीबी रोग से निजात पाया जा सकता है। इसके लिए डाक्टरों द्वारा उपयुक्त कटेगरी की दवा ले। मौके पर वार्ड पार्षद तंजिर आलम, इंजीनियर किशोर कुणाल, सचिन कुमार, डॉक्टर इफ्तिखार आलम सहित छात्र मौजूद रहे।