बेतिया: शहर के आरएच स्टोन हॉस्पिटल में डॉक्टरो ने किडनी कैसर का जटिल ऑपरेशन किया। इसमे सर्जरी’ कर कैसर को हटा दिया। वही किडनी को भी बचा लिया। इस तकनीक से बेतिया में पहली बार सर्जरी हुई। इसकी जानकारी डॉक्टर हिदायतुल्लाह ने दी। उन्होंने बताया कि शिक्षा के बाद स्‍वास्‍थ्‍य सेवा हमारे जीवन के लिए सबसे महत्‍वपूर्ण है। सुविधा और धन संपन्‍न लोग तो बड़े-बड़े निजी अस्‍पतालों में लाखों खर्च कर अपना इलाज करा लेते हैं, लेकिन गरीब लोग या तो दूसरे राज्‍यों का रुख करते हैं या इलाज के अभाव में असमय ही काल के गाल में समा जाते हैं। लेकिन अब मूत्र रोग या किडनी की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को अब बाहर जाने की जरूरत नही है। उन्होंने बताया कि अब शहर के आरएच स्टोन अस्पताल में ही उनका उपचार संभव होगा । वहीं पथरी को बिना चीर-फाड़ के निकाला जा सकेगा। लेजर तकनीक से यह मशीन पथरी के टुकड़ों को तोड़ देगी और वह पेशाब के माध्यम से निकल जाएंगे। यह तकनीक बिना चीर-फाड़ वाली प्रक्रिया है। जिसका मतलब है कि इसमें सर्जरी की आवश्यकता नहीं होती है। लेजर लिथोट्रिप्सी में किडनी की पथरी को तोड़ने के लिए लेजर तकनीक का उपयोग किया जाता है।

बेतिया: दीपेन्द्र राय एक बार फिर जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में अपना योगदान कर लिया है। वे इसके पूर्व मोतिहारी में पदस्थापित थे। स्थानातांरण के बाद बेतिया में उन्होेंने शुक्रवार को अपना योगदान कर लिया। स्वयं जिला शिक्षा पदाधिकारी की उपस्थिति में उन्होंने लिपिक का कार्यभार संभाला। बता दें कि दीपेन्द्र राय पूर्व में भी शिक्षा विभाग में कार्य कर चुके है। कुछ माह पूर्व उनका स्थानांतरण मोतिहारी कर दिया गया था। लेकिन विभाग ने एक बार पुन: उनका स्थानांतरण स्थानीय जिला शिक्षा विभाग के कार्यालय में कर दिया है। दीपेन्द्र के स्थानांतरण से शिक्षकों में हर्ष है। कारण मृदुलभाषी लिपिक दीपेन्द्र हरेक शिक्षकों के चेहते बताए जाते है। वे शिक्षकों के काम को सहज भाव से निपटाने के लिए भी जाने जाते है।_