बेतिया: कुमारबाग थानाध्यक्ष राजीव कुमार रजक और समाजसेवी मनीष कश्यप ने रविवार को कुमारबाग चौक पे मास्क वितरण किया। साथ में बेवजह सड़कों पर घूम रहे लोगों को लॉक डाउन का पालन करने के लिए समझाया। वहीं जो बिना मास्क सड़कों पर घूम रहे थे, उन्हें मास्क भी दिया गया और मास्क के उपयोगिता बारे में बताया गया। थाना के सभी पुलिस को भी एक-एक अतिरिक्त मास्क दिया गया। थानाध्यक्ष राजीव कुमार रजक ने बताया कि हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि स्थानीय लोग लॉक डाउन के नियमों का पालन करें और अपने घरों में ही रहे। जो बेवजह सड़कों पर निकल रहे हैं हम उन्हें घर में रहने के लिए समझा रहे हैं। मनीष कश्यप ने बताया कि देश को कोरोना से बचाने के लिए सरकार, प्रशासन और डॉक्टर दिन रात मेहनत कर रहे हैं। हमारा भी फर्ज बनता है कि हम इनका भरपूर साथ दे। इसलिए आज हमने 500 मास्क का वितरण कुमारबाग थाना क्षेत्र के अंतर्गत कराया गया। आगे भी हम अलग-अलग क्षेत्रों में मास्क का वितरण स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर करेंगे।

मास्क देते मनीष कश्यप व अन्य

बेतिया :युवा सेना के प्रदेश प्रमुख कुंदन पांडेय ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्रकर लिख अनुरोध किया है कि जिस प्रकार पूरे देश और पूरी दुनिया में कोरोना वायरस को लेकर मानव जीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। पूरी दुनिया की आर्थिक हालत बेहद खराब है इसी को देखते हुए किसानों के गन्ने का सीघ्र भुगतान की जाए।किसानों को आर्थिक पैकेज,दो माह का बिजली बिल और छात्रों की दो माह की फीस माफ करने की मांग की है। श्री पांडेय ने लिखे पत्र मे कहा है कि किसानों का मुख्य आय कृषि है। कोरोना से निपटने के लिए सरकार ने पूरे देश को लॉकडाउन कर दिया है। किसान अपना गन्ना मिलों में गिराकर घर मे बैठे है। इस समय किसानों को गन्ना भुगतान की सख्त जरूरत है। इसको देखते हुए चीनी मिल से एक सप्ताह के अंदर बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान सुनिश्चित कराने का आदेश दिया जाय। नही तो ऐसे में किसानों भुखमरी का सिकार होने के कगार पर है। श्री पांडेय ने लिखा है कि ताजा परिस्थितियों में सरकार को किसानों को आर्थिक पैकेज व सभी लोगों के बिजली का बिल माफ किया जाए। लॉकडाउन की वजह से किसानों के फसल बर्बाद हो रहे है। वहीं लोगों के कारोबार बंद है, लोग आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। बंदी की वजह से लोगों के सामने परिवार चलाने का संकट है। ऐसे समय प्रदेश में घरेलू बिजली के कम से कम दो माह के बिलों को सरकार माफ कर दे। वही उन्होंने कहा कि प्रदेश में जितने भी प्राइवेट स्कूल हैं, उन्हें यह निर्देशित किया जाए कि वे अगले दो महीनों तक स्कूलों की फीस माफ करें। निजी स्कूलों को जो फीस को लेकर अभिभावकों पर दबाव बना रहे हैं उन्हें रोका जाए।क्योंकि इस समय बच्चों की फीस जमा कर पाने में परेशानी होंगी।

कुंदन पांडेय, प्रदेश प्रमुख- युवा सेना बिहार
युवा सेना द्वरा मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र

बेतिया : पश्चिम चंपारण निवासी व ज्योति विद्यापीठ महिला विश्वविद्यालय जयपुर के एजुकेशन एंड मेथाडोलॉजी के डीन एवं कोरोना पर अनुशंधान के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर गठित टीम के सदस्य डॉ. शोभा लाल ने बताया कि दुनिया में कोरोना संक्रमण से हुई मौतों का प्रमुख कारण विटामिन-डी की कमी के रूप में भी सामने आया है। यह रिपोर्ट हमें भी सतर्क कर रही है, क्योंकि देश में भी बड़ी आबादी विटामिन-डी की कमी से जूझ रही है। शरीर में विटामिन-डी की स्थिति बेहतर करके हम कोरोना वायरस के खतरे को कम कर सकते हैं। ज्योति विद्यापीठ महिला विश्वविद्यालय के कुशल मार्गदर्शन में अनुसंधान के परिणाम को प्रकाशित करके देश के विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों को भेज दिया गया है। विश्वविद्यालय के संस्थापक व सलाहकार तथा अनुसंधान टीम के मेंटर डॉ. पंकज गर्ग व उनकी टीम ने जो अनुसंधान के बाद मार्गदर्शिका जारी किया है। उसको अपना कर कोरोना से बचा जा सकता है। अध्ययन के दौरान ऐसा पाया गया है कि वायरस से मृत्यु का शिकार हुए मरीजों में विटामिन-डी की कमी मौत का प्रमुख कारण मिली। अंतरराष्ट्रीय जर्नल में यह शोध प्रकाशित हो चुका है। इसके मुताबिक हड्डी-मांस पेशियों में दर्द विटामिन-डी की कमी का लक्षणभर है। विटामिन-डी का शरीर में मल्टीपल रोल है। यह फेफड़े का फंक्शन दुरुस्त रखने में मददगार है, जो कि संक्रमण से भी बचाने में कारगर साबित होता है। अनुसंधान टीम के सदस्य के अनुसार शरीर की कोशिकाओं में रिसेप्टर की बांडिंग होती है। विटामिन-डी इस बांडिंग को मजबूती प्रदान करता है। विटामिन-डी की कमी से सेल्स में मौजूद रिसेप्टर साइक्लिक एएमपी, ऑक्ट 3/4, पी 53 की बांडिंग में कमजोरी आ जाती है। यहीं मौका पाकर वायरस सेल में दाखिल हो जाता है। इसके बाद फेफड़े तक पैठ बनाकर शरीर पर हमला करता है। ऐसे में यदि विटामिन-डी शरीर में ठीक है, तो वायरस से मुकाबला आसान हो जाएगा।

बेस्ट डायरेक्टर और डीन के रूप में चयनित हुए डॉ. लाल
डॉ. शोभा लाल

बेतिया : समाजसेवी चंदन सिंह को बिहार प्रदेश भ्रष्टाचार नियंत्रण एवं जन कल्याण यूथ सेल का प्रदेश सचिव नियुक्त किया गया है। इस संबंध में प्रदेश अध्यक्ष मुमताज अहमद ने पत्र जारी कर श्री सिंह को भ्रष्टाचार के खात्मा के लिए टीम बनाकर काम करने का निर्देश दिया है। श्री सिंह ने बताया कि प्रदेश से भ्रष्टाचार के खात्मा के लिए टीम बनाकर कार्य करूंगा। अब जनता का खून चूसने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ जनांदोलन चलाया जाएगा। कहा कि वह पद की गरिमा में रहकर भ्रष्टाचार उन्मूलन मुहिम के लिए कार्य करेंगे। प्रदेश स्तर पर अपनी टीम तैयार करेंगे। भ्रष्टाचार के खिलाफ युवा शक्ति खड़ी हो रही है। उन्होंने कहा कि भारतवर्ष में करप्शन के खिलाफ जागरूकता लाने का अहम कार्य किया जा रहा है।

बेतिया : शहर के आरएच स्टोन हॉस्पिटल सह गोवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज के डॉ. हिदायतुल्लाह का कहना है कि युवाओं का रवैया उचित नहीं है। कोरोना वायरस से बचाव के लिए ही लॉक डाउन किया गया है। लॉक डाउन के नियमों का पालन सभी को करना चाहिए। युवा लोग अक्सर सड़कों पर निकल आते हैं। वे यह न समझें कि यह वायरस उन्हें अपनी चपेट में नहीं ले सकता। यह भ्रांति बिल्कुल न पालें। अपना और अपने परिवार के बुजुर्गों की सुरक्षा को सुनिश्चित करें। बेवजह सड़कों पर न निकलें। वायरस से बचाव के लिए जैसे निर्देश दिए जा रहे हैं, उनका कड़ाई से पालन करें। यह युवाओं और उनके परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए बेहद आवश्यक है। प्रधानमंत्री ने जो 21 दिनों तक लॉक डाउन के दौरान सामाजिक दूरी बनाने और अपने घरों पर ही रहने का आह्वान किया है, उसका पूरी तरह पालन किया जाना चाहिए। कोरोना से बचाव आपके ही हाथ में है। जनता क‌र्फ्यू और लॉकडाउन का नियम इसलिए बनाया गया ताकि लोग एक दूसरे के संपर्क में न आएं। कोरोना वायरस साधारण फ्लू का ही एक रूप है। यह वायरस इंसान के नाक, मुंह व आंख के जरिए गले में पहुंचता है और चार दिन गले में रहकर इंसान की कोशिकाओं पर प्रहार कर देता है। इसके अलावा जिस जगह पर वह वायरस विद्यमान है उसे छूने पर भी इंसान संक्रमित हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार यह वायरस शरीर में पहुंचने और लक्षण दिखाने में 14 दिनों का समय ले सकता है। हालांकि ताजा शोध में यह बात सामने आई है कि संक्रमण का प्रकोप 24 दिन तक रह सकता है। सबसे बड़ी बात यह है कि लोग खांसते और छींकते समय टिश्यू का इस्तेमाल करें। बार-बार साबुन या सैनिटाइजर से हाथ धोते रहें। अब जबकि कोरोना तेजी से फैल रहा है तो किसी भी वस्तु को छूने के बाद फौरन हाथ धोएं। इस वायरस की अभी कोई प्रभावी दवा ईजाद नहीं हो पाई है, इसलिए घरों पर रहें, सुरक्षित रहें।

बेतिया: शहर के आरएच स्टोन हॉस्पिटल में डॉक्टरो ने किडनी कैसर का जटिल ऑपरेशन किया। इसमे सर्जरी’ कर कैसर को हटा दिया। वही किडनी को भी बचा लिया। इस तकनीक से बेतिया में पहली बार सर्जरी हुई। इसकी जानकारी डॉक्टर हिदायतुल्लाह ने दी। उन्होंने बताया कि शिक्षा के बाद स्‍वास्‍थ्‍य सेवा हमारे जीवन के लिए सबसे महत्‍वपूर्ण है। सुविधा और धन संपन्‍न लोग तो बड़े-बड़े निजी अस्‍पतालों में लाखों खर्च कर अपना इलाज करा लेते हैं, लेकिन गरीब लोग या तो दूसरे राज्‍यों का रुख करते हैं या इलाज के अभाव में असमय ही काल के गाल में समा जाते हैं। लेकिन अब मूत्र रोग या किडनी की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को अब बाहर जाने की जरूरत नही है। उन्होंने बताया कि अब शहर के आरएच स्टोन अस्पताल में ही उनका उपचार संभव होगा । वहीं पथरी को बिना चीर-फाड़ के निकाला जा सकेगा। लेजर तकनीक से यह मशीन पथरी के टुकड़ों को तोड़ देगी और वह पेशाब के माध्यम से निकल जाएंगे। यह तकनीक बिना चीर-फाड़ वाली प्रक्रिया है। जिसका मतलब है कि इसमें सर्जरी की आवश्यकता नहीं होती है। लेजर लिथोट्रिप्सी में किडनी की पथरी को तोड़ने के लिए लेजर तकनीक का उपयोग किया जाता है।

बेतिया: दीपेन्द्र राय एक बार फिर जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में अपना योगदान कर लिया है। वे इसके पूर्व मोतिहारी में पदस्थापित थे। स्थानातांरण के बाद बेतिया में उन्होेंने शुक्रवार को अपना योगदान कर लिया। स्वयं जिला शिक्षा पदाधिकारी की उपस्थिति में उन्होंने लिपिक का कार्यभार संभाला। बता दें कि दीपेन्द्र राय पूर्व में भी शिक्षा विभाग में कार्य कर चुके है। कुछ माह पूर्व उनका स्थानांतरण मोतिहारी कर दिया गया था। लेकिन विभाग ने एक बार पुन: उनका स्थानांतरण स्थानीय जिला शिक्षा विभाग के कार्यालय में कर दिया है। दीपेन्द्र के स्थानांतरण से शिक्षकों में हर्ष है। कारण मृदुलभाषी लिपिक दीपेन्द्र हरेक शिक्षकों के चेहते बताए जाते है। वे शिक्षकों के काम को सहज भाव से निपटाने के लिए भी जाने जाते है।_

बेतिया : शहर के रामलखन सिंह यादव कॉलेज में  बिहार मैथमेटिकल सोसायटी के अध्यक्ष व बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के गणित विभाग के विभागाध्यक्ष तथा दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के पूर्व निदेशक प्रो. गणेश कुमार के निधन पर शोक सभा आयोजित कर श्रद्धांजलि दी गयी। प्राचार्य डॉ राजेश्वर प्रसाद यादव ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्रो.गणेश कुमार एक ख्यात शिक्षाविद् व गणितज्ञ थे। उनके निधन से शिक्षा जगत में अपूरणीय क्षति हुई है। प्रो. कुमार गणेश जैसे व्यक्तित्व वाले लोग समाज में बिरले ही मिलते हैं। उनके विचारों को आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने समाज और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। हमें उनके विचार पर चलने की जरूरत है। हमने अपना एक अच्छा शुभचिंतक और एक ऐसे सहयोगी को खोया है। इनकी कमी पूरी नहीं की जा सकती है। वे सिर्फ शिक्षाविद् ही नहीं, सच्चे अर्थों में समाज के प्रहरी थे। इस दौरान सबने दो मिनट का मौन भी रखा। श्रद्धांजलि सभा में डॉ अभय कुमार, डॉ कांति कुमारी, प्रो विणा सिंह, प्रो किरण कुमारी, प्रो एमएस देवराजी, प्रो अभय कुमार, महाविद्यालय के प्रधान सहायक रंजीत सिंह यादव, बनारसी यादव, कमलेश कुमार, राजकिशोर यादव, बबलू कुमार, इरफान, राकेश झा, गगनदेव यादव, गंगा यादव आदि मौजूद रहे।

निधन पर शोक सभा आयोजित
इलेक्ट्रो फिजिक्स की नरगिस बनी बिहार टॉपर

बेतिया: इंटरमीडिएट के रिजल्ट का इंतजार परीक्षार्थियों के साथ उनके अभिभावक पूरे शिद्दत से इन्तेजार था । जब रिजल्ट आया तो सफल छात्र खुशी से झूम उठे। बधाइयों का तांता लग गया। ऐसा ही इलेक्ट्रो फिजिक्स के प्रांगण का रहा। याहां सभी छात्रों ने प्रथम श्रेणी से सफलता प्राप्त की है। शहर के जाने माने इस संस्थान में दूसरे दिन रविवार को भी दिन भर जश्न का माहौल बना रहा। छात्र-छात्राओं के परिजन संस्थान में आकर यहां के निदेशक भारत भूषण को बधाई देते रहे। जिनके प्रयास से उनके बच्चों ने कामयाबी हासिल की। बता दें कि इस संस्थान ने प्रतिवर्ष बेहतर परिणाम देकर अपनी एक पहचान बना ली है। निदेशक भारत भूषण ने कहा कि यहां शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चों को बेहतर से बेहतर शिक्षा देकर उन्हें सफल छात्र बनाने का हर संभव प्रयास किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस संस्था से नरगिस नवाज इंटर साइंस में 463 अंक लाकर बिहार में पांचवें स्थान प्राप्त की है। वहीं मिकी कुमारी को 448 अंक, पलवी कुमारी को 440 अंक, सालनी कुमारी को 433 अंक, फातिमा खातून को 422 अंक, वसीम सिद्धकी को 413 अंक, श्रेयम प्रासर को 407 अंक, अंजली सोनी को 406 अंक मिले हैं। सभी छात्र-छात्राओं ने संस्थान का आभार प्रकट किया है। साथ ही छात्र-छात्राओं के अभिभावकों ने संस्थान के बड़ी सफलता को सराहते हुए संस्थान के उज्ज्वल भविष्य की कामना की एवं संस्थान के शिक्षकों को आभार प्रकट किया।

मनाई गई विश्व क्षय रोग दिवस

बेतिया:विश्व क्षय रोग दिवस पर आमजन में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जागरूकता रैली का आयोजन रविवार को डीपीएमआई के छात्रों ने की। इस दौरान डॉ राशीद सिद्दकी ने कहा कि लोगों को इसके प्रति जागरुक किया जाएगा। क्षय रोग दिवस मनाने का मुख्य मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरुक करना है। जब क्षय रोग से ग्रसित व्यक्ति बोलता, खांसता या छींकता है तब उसके साथ संक्रामक द्रोप्लेट न्यूक्लाई उत्पन्न होते हैं, जो कि हवा के माध्यम से किसी अन्य स्वस्थ व्यक्ति को संक्रमित कर सकते हैं। यह बीमारी हवा के जरिये बहुत आसानी से फैलती है।टीबी का रोग जूठा खाने से, थूकने, छींकने, संक्रमित इंजेक्शन, रोगी के उपयोग किए गए कपड़े, तौलिया इत्यादि से, गंदगी व सफाई न रखने से, शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता के कमजोर होने से व रोगी के संपर्क में रहने से फैलता है। बताया कि लगातार दो सप्ताह तक खांसी होना, बलगम में खून आना, सायं के वक्त बुखार आना और वजन का कम होना टीबी रोग के लक्षण हैं, ऐसे में अपनी जांच अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि लगातार दवाईयों का सेवन करके टीबी रोग से निजात पाया जा सकता है। इसके लिए डाक्टरों द्वारा उपयुक्त कटेगरी की दवा ले। मौके पर वार्ड पार्षद तंजिर आलम, इंजीनियर किशोर कुणाल, सचिन कुमार, डॉक्टर इफ्तिखार आलम सहित छात्र मौजूद रहे।