भक्ति की शक्ति

एक रात मैंने सपना देखा| नदी के रेतीली किनारे पर मै और मेरे भगवान चल रहे हैं, साथ में दो जोड़ी पांवों के निशान दूर तक अंकित है रेत पर| एक तो मेरे और दूसरे मेरे भगवान के, तभी देखता हूँ कि आकाश के विराट परदे पर दृश्य उभरने लगे मेरे अतीत के| मैंने देखा यह क्या नदी के रेतीली किनारे पर एक जोड़ा पांवों का निशान अंकित है| तभी मुझे याद आया ये तो वे दिन थे, जब मेरा दुर्भाग्य था अपने उत्कर्ष पर मैंने आहत हो प्रश्न किया|

तुमने तो कहा था ना जीवन भर साथ दोगे मेरा, मेरे कर्णधार बन और तुमने मुझे छोड़ दिया कि निपट अकेले, जबकि मुझे तुम्हारी सबसे ज्यादा जरुरत थी|

भगवान मुस्कुराएँ…… धीरे से बोले…… मेरे बच्चे मैंने तुम्हे कभी छोड़ा नहीं, यह जो दो पैरों के निशान देखते हो न| वह मेरे है…… दर्द के क्षण में गोद में उठाया था जब मै तुमको|

A large operation has been launched in Maharashtra against Naxalism

A large operation has been launched in Gadchiroli in Maharashtra against the Maoists. Maharashtra police have stacked 14 Maoists in the area. Naxal leaders Sainath and Sinu were also killed in this action of the police. It is being said that now Naxalism has ended from this area.

It is noteworthy that these Naxalites have been staked in an encounter with the Maharashtra Police in Boriya forest area of Itapalli in Gadchiroli district.

Let us know that not only the soldiers of the security forces in Gadchirolli but also the local citizens also remain on the targets of the Naxalites attacked the CRPF jawans in Sukma in April last year. 25 soldiers were killed in Sukma.

Naxal Movement started in India –
In India, Naxal Movement was started from Naxalbari of West Bengal. That is why this movement is called the Naxal movement. Actually, this movement was against land reform. The farmers were very angry in the land grabbing of the farmers by landowners. That is why farmer had started Naxal Movement.

It was formed in 1967 by Charu Majumdar. These movements started in the early stages of the fight for the rights of farmers but gradually it became violent and soon spread to the whole country.

जानिए क्या था बापू के रामराज्य की कल्पना

गुलामी के जंजीरों से जकड़ी हुई भारत आजादी के बाद खोखली हो गई थी| सम्राट अशोक का वो समृद्ध भारतवर्ष अब अंग्रेजो के अत्याचार और शोषण से असहाय और गरीब हो गया था|

1951 में बापू ने 2051 के भारत की कल्पना करते हुए एक ऐसी संस्कृति की बात करते है जो भारत की विशेषता हो, एक ऐसी सभ्यता का जिक्र करते है जिसकी वजह से भारत की ख्याति विश्व में सराहनीय हो|

2051 की कल्पना में गाँधी जी कहते है कि-
एक भारतीय, दक्षिण से आये शरणार्थी को भ्रमण कराता है और यहाँ के रामराज्य का व्याख्या करते हुए कहता है- हमने भारत में बापू के आदर्शो के रामराज्य की स्थापना कर ली है|

अतिथिशाला में स्वगातार्थी कहता है जिस प्रकार वायु और जल पर किसी का कोई रोक नहीं उसी प्रकार हमारे देश में भोजन और वस्त्र पर किसी की कोई रोक टोक नहीं|

दैहिक दैविक भौतिक तापा|
राम राज्य काहू नहीं व्यापा||

अर्थात रामराज्य सुव्यवस्था और सुशासन का, समृधि का, एवं सुख और शांति का प्रतीक है|

स्वगातार्थी अतिथि को खेती, उधोग-धंधे और शैक्षणिक व्यवस्था से परिचय कराते हुए कहता है कि, यहाँ कोई प्रबंधक नहीं है सभी नागरिक को अपनी इच्छानुसार कार्य करने की छुट है, किसी को किसी भी प्रकार का दबाव नहीं है| यहाँ सभी ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी निभाते है| श्रमिको को थकान न हो इसलिए श्रम को संगीत से जोड़ कार्य भर को कम किया गया है| पाठशाला के बारे में कहता है कि यहाँ बच्चो को खिलौने, भोजन और शिक्षा तीनो से जोड़ा गया है|

गाँधी जी की कल्पना है कि 2051 में ग्रामो में सभी भवने एक जैसी बनी हो, भवनों के बीचों-बीच सड़के हो और पूरी गाँव हरियाली से सुशोभित हो, घर-घर में बिजली हो| गाँवों में बापू की बीसवीं सदी का चरखा आज इक्कीसवी सदी का बन गया है|

बापू के रामराज्य की कल्पना में सभी धर्म को एक समान दर्जा दिया गया है| स्प्रिश्यता की कड़ी निंदा की गई है| स्त्रियों को रूप में गुलाब और गुण में मधुमक्खियों जैसी कल्पना की गई है, जो समाज का आधा भार लेकर अर्धांगिनी शब्द को सार्थक करती है|

अहिंसा परमोधर्म, अहिंसा परम तपः|
अहिंसा परम सत्य, ततः धर्मः त्रवर्तते||

अर्थात हमारे देश का कल्याण बापू के कल्पना के अनुसार रामराज्य लाकर ही किया जा सकता है| अगर देश अहिंसा की राह पर होगी तो इसमें कोई संदेह नहीं की 2051 में हमारा देश रामराज्य बन जायेगा|

Dale Steyn out of series

The South African pacer and in this world best pacer bowler Dale steyn out of series due to shoulder injury .
When the South African team playing side inded day two of the first test against Australia with 102-run lead their sojourn down in direction of earth and under was hit by massive below after that Dale steyn was ruled out of the remainder of series due to shoulder injury.
And after that the physiotherapy advised Dale steyn was taken to the hospital for preliminary and good dicision for treatment and scans .And the doctor say this is confirmed a new fractured of born join to shoulder point that sentence is said by South African’s team manager Mohammad moosjae.
After this happen Dale steyn will take no further part in this match and in this series and he will return a south africa to see a bone joint specialist doctor the who advised on appropriate plan of action then moosjae added injury of steyn this is so bad news for South African team because of this reason south Africa’s aspiration to seal their third succession test series win down under could be limbo.
Dale steyn one of the best pacer player of this world on that time ever he played cricket has 417 wickets in 85 tests and just four wickets shorts of over having Shaun Pollack’s record of highest wicket taker for the South Africa
in the longer format of the game he is a game changer player.Dale steyn was forced and pressure out of four test series against india after he sustained or injury during the first test last year.
The 33 years pacers Dale steyn is not a maintain a good health in previous 2-3years.