माननीयो के बेतन बढ़ोतरी पर भड़की भाकपा

भाकपा

कहा जनता के मुंह से निकल रही कराह, अपनों के लिए मलाई का जुगाड़ कर रही सरकार

 बेतिया : भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं ने विधायक, पूर्व विधायक, एमएलसी, पूर्व एमएलसी के वेतन और भत्ते में बढ़ोतरी को जनविरोधी और बिहार की गरीब जनता के साथ मजाक बताया है। पार्टी नेताओं ने इसके खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसकी भर्त्सना की है। नेताओं ने कहा है कि जब तक सुबे के किसान,मजदूरों के माली हालत में सुधार नहीं हो तब तक नैतिकता के आधार पर माननीय को बढ़ी हुई वेतन और भत्ते लेने से इंकार कर देनी चाहिए। बुधवार को जगजीवन नगर स्थित जिला कार्यालय बलिराम भवन में पत्रकारों से बात करते हुए पार्टी के जिला मंत्री ओमप्रकाश क्रांति ने कहा कि अस्पतालो में डॉक्टर नहीं है, दवा का अभाव है, गरीब मरीज दर दर की ठोकर खा रहे हैं। पिछले साल आई बाढ़ से खस्ताहाल सड़कों का मरम्मत नहीं हो सका है। पूरा बिहार बेहाल है। ऐसी परिस्थिति में जनप्रतिनिधियों के वेतन और भत्ता में अप्रत्याशित वृद्धि बिहार के किसानों एवं मजदूरों के साथ क्रूर मजाक है। उन्होंने कहा कि किसानों के गन्ना मूल्य के बकाया राशि का भुगतान नहीं हुआ है, गन्ने की कीमत की घोषणा नहीं हुई है, रसोईया 1250 रुपये महीना पर काम करने के लिए विवश है। आंगनबाड़ी सेविका 3750 सहायिका 1700 रुपये मानदेय पर किसी तरह अपने परिवार का भरण पोषण कर रही है। एएनएम 12 हजार और अन्य संविदा कर्मी 15 हजार रुपये पर काम कर रहे हैं। जरूरी विकास के कार्यो और मानदेय तथा वेतन भुगतान के लिए सरकार के कोष मे पैसा नहीं है। जबकि वह अपनों के लिए मलाई का जुगाड़ कर रही हैं। भाकपा नेताओं ने कहा कि जब तक किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं हो जाए, धान का सरकारी खरिददारी शुरू नहीं हो और संविदा कर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी नहीं हो,तब तक विधायकों को अपने वेतन बढ़ोतरी का लाभ नैतिकता के आधार पर नहीं लेनी चाहिए। जिला मंत्री श्री क्रांति, कोषाध्यक्ष जयंत कुमार द्विवेदी, राज्य परिषद सदस्य जवाहर प्रसाद, गल्लू चौधरी आदि ने कहा कि  बदहाल बिहार में सरकार द्वारा माननीय के वेतन बढ़ोतरी की घोषणा किसान,मजदूर और गरीब जनता के साथ घिनौना मजाक है।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *